Home Breaking News राजगुरु १००८ श्री स्वामी संकर्षण प्रपन्नाचार्य महाराज चित्रकूट पीठाधीश्वर नयागांव चित्रकूट का...

राजगुरु १००८ श्री स्वामी संकर्षण प्रपन्नाचार्य महाराज चित्रकूट पीठाधीश्वर नयागांव चित्रकूट का वैकुंठ वास (देहावसान )

1,002 views
0
विदर्भ वतन न्यूज पोर्टल  :  चित्रकुट आचार्य आश्रम के पीठाधीश्वर परमपूज्य श्री स्वामी संकर्षण प्रपन्ना चार्य महाराज जी का अल्प बीमारी से दिनांक १८/११/२०२० रात को चित्रकुट आश्रम में अपनी अंतिम सांस ली परमपूज्य स्वामी तपस्वी सन्त श्री भागवत तथा सभी धार्मिक पुराणों के महान वक्ता तथा ज्ञाता थे पूज्यपाद हजारो गरीब बालको की शिक्षा दीक्षा की सम्पूर्ण व्यवस्था आश्रम से निशुल्क करवाते थे उनके आश्रम के विद्वान् ब्राह्मण पंडित देश विदेश में सनातन धर्म का प्रचार प्रसार करते है. बड़े बड़े भागवत वक्ता विद्वान इसी आश्रम से पढ़ कर देश में संस्कृत भाषा का प्रचार प्रसार इसी गुरुकुल से निकले हुए विद्वान् ब्राह्मणो द्वारा किया जाता है. स्वामी जी वीतराग तपस्वी तथा धर्मात्मा थे उनके अनुयायी देश तथा विदेश सभी जगह है ! मर्यादा पुरषोत्तम श्री राम की धर्मस्थली जहा पर श्री राम ने माता सीता और लक्ष्मण के साथ वनवास कल व्यतीत किया था उसी पावन भूमि पर माँ मन्दाकिनी गंगा की आरती तथा आश्रम में प्रतिदिन गरीबो के निशुल्क भोजन व्यवस्था साधु संतो की सेवा इन सब कार्यो में पूज्य स्वामी जी का बहुत योगदान रहा है. ये सेवाएं आज भी निरंतर चल रही है. श्री राम जन्म भूमि आंदोलन में सभी संतो को एक करके जनमानस ने लोगो को इस आंदोलन में शामिल करने का श्री स्वामीजीका बहुत बड़ा योगदान रहा. स्वामीजी का देश के सभी क्षेत्रों में लाखो की संख्या में उनके शिष्य अनुयायी है स्वामी जी तपो निष्ट ब्रम्हचारी थे जनमानस ने उनके लिए अपार श्रद्धा और प्रेम था. वो परम दयालु तथा परोपकारी  थे स्वामीजी का कई शहरो में आश्रम है वृन्दावन, हरिद्वार, चित्रकुट अन्य कई जगहों पे आश्रम है जहा सामाजिक कार्य स्कूल, गौशाला, विद्यालय आज भी बहुत प्रकार के सामाजिक कार्य उन आश्रम के द्वारा संचालित किये जाते है. प्रसिद्ध समाज सेवी भारत रत्न श्री नानाजी देशमुख पूज्य स्वामीजीका मार्गदर्शन लेते रहते थे. स्वामीजी ने अपने उत्तराधिकारी को अपने जीवन कल में ही नियुक्त किया है ! श्री स्वामी बद्री प्रपन्ना चार्य जी महाराज जो की महान विद्वान् महान कथाकार वही आश्रम की बागडोर उनके हाथो में है. श्री स्वामीजी का नागपुर नगरी से बड़ा लगाव था कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जहा पर उन्होंने भागवत कथा ना कही हो.वो साल में कई बार नागपुर शहर में आते थे उनके यहाँ पर हजारो शिस्य अनुयायी है सहर के अधिकांश मंदिरो में उनके यहाँ के पढ़े विद्वान् पंडित पूजा पाठ का काम करते है. नागपुर श्री महर्ष साई बाबा मंदिर ॐ नगर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष पंडित श्री बालकृष्ण मिश्रा, बड़ा हनुमान मंदिर सदर के पुजारी श्री राम कुमार जी, इंडोरमा हनुमान मंदिर के पुजारी श्री रमाशंकर तथा हैदराबाद से ज्योत्षी बंशमणि शास्त्री, दिल्ली के प्रसिद्ध भागवत वक्ता श्री राम शरण शास्त्री स्वामीजी के सभी कृपा पात्र सेवक है. शहर के प्रस्तिष्टित खेमका परिवार, दायमा परिवार, मनवानी परिवार, सभी स्वामी जी के कृपा पात्र शिष्य है अपने आखरी बार नागपुर में दि १७/११/२०२० को इलाज के वास्ते स्वामीजीको को नागपुर में डॉ. चौबे के हॉस्पिटल लाया गया था जहा पर ड्रॉक्टरो और स्वामीजी की इच्छा चित्रकुट जाने की थी श्री जीतेन्द्र पांडेय ने तुरंत एम्बुलेंस की व्यवस्था कर १७ की रात को ही चित्रकुट प्रस्थान किया जहा पर हजारो भक्त, शिष्य, स्वामीजीका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. उन्होंने आश्रम में दि.१८/११/२०२० को अंतिम सांस ली. इस खबर को सुनकर देश विदेश के सभी शिस्य दुखी है उनके कार्यक्रमों की सुचना मंदिर के दूरभाष के द्वारा सभी भक्तो को दी जाएगी. उनका अंतिम संस्कार १९/११/२०२० को भव्य शोभा यात्रा के साथ माँ मन्दाकिनी के किनारे किया गया.जिसमे हजारो की संख्या में लोग उपस्तित थे.